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जी-20 समिट में मोदी से मिले ट्रम्प, कहा- हम अच्छे दोस्त हैं; "दोनों के बीच ईरान और सुरक्षा समेत 4 मुद्दों पर बातचीत हुई"

जापान के शहर ओसाका में दो दिवसीय जी-20 समिट शुरू हो चुकी है। शुक्रवार सुबह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच समिट के इतर त्रिपक्षीय बैठक हुई। इसके बाद ट्रम्प और मोदी के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी हुई। इस मौके पर ट्रम्प ने मोदी से कहा कि हम काफी अच्छे दोस्त हैं। हमारे देशों में इससे पहले कभी इतनी नजदीकी नहीं रही। हम लोग कई क्षेत्रों में खासकर मिलिट्री के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। आज हम लोग कारोबार के मुद्दे पर भी बात कर रहे हैं।" दोनों के बीच व्यापार, डिफेंस, ईरान और 5जी कम्युनिकेशन नेटवर्क जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई। 

ट्रम्प ने मोदी से कहा- "आपको आम चुनावों में जीत की बधाई। आप इस जीत के योग्य हैं। आप शानदार काम कर रहे हैं। हमें कई बड़ी चीजों का ऐलान करना है। मैं दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए आपको बधाई देता हूं।"  

मोदी ने कहा- मैं आपका आभारी हूं 

इससे पहले मोदी ने कहा, ‘‘मेरे नए कार्यकाल की शुरुआत में ही मुझे आपसे मुलाकात करने का मौका मिला। मैं समझता हूं कि खुशी की बात है। मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करना चाहता हूं, क्योंकि भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में और भारी बहुमत के साथ जनता ने हमें मेंडेट दिया है। स्थायी सरकार के लिए मतदान किया है। इसके फौरन बाद आपने मुझे टेलीफोन पर बधाई दी। हाल ही में पोम्पियो भी भारत दौरे पर आए और एक चिट्ठी में आपका मजबूत संदेश लेकर आए। यानी भारत के प्रति आपका जो नाता है। भारत के प्रति जो प्यार है, जो आपने अभिव्यक्त किया है। इसके लिए मैं आपका आभारी हूं।’’

ट्रम्प ने कहा था- भारत का टैरिफ अस्वीकार्य है 

मोदी, ट्रम्प और आबे मिले 

इससे पहले जापान, इंडिया और अमेरिका की त्रिपक्षीय बातचीत हुई। इसे जापान, इंडिया और अमेरिका यानी 'जय' नाम दिया गया। 

मोदी ने ब्रिक्स की मीटिंग में कहा- आतंकवाद मानवता के लिए खतरा
ब्रिक्स देशों की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- "आतंकवाद आज मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यह सिर्फ मासूमों की जान ही नहीं लेता, बल्कि यह आर्थिक विकास और सामाजिक शांति पर भी नकारात्‍मक प्रभाव डालता है। हमें आतंकवाद की मदद करने वाले सभी माध्‍यमों को रोकने की जरूरत है।"

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