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ब्रेकिंग न्यूज़ : किसकी बनेगी सरकार? किंगमेकर्स जो निभा सकते हैं बड़ा रोल

लोकसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। रविवार को आए एग्जिट पोल्स की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिना किसी मुश्किल के फिर सरकार बना लेंगे, लेकिन अगर कुछ इधर-उधर हुआ तो उन्हें सत्ता तक पहुंचने के लिए बाहर से समर्थन की जरूरत होगी। वहीं विपक्षी दल इस मौके का फायदा जरूर उठाने चाहेंगे। उस स्थिति में जरूरत होगी क्षेत्रीय पार्टियों के साथ की। स्पष्ट बहुमत न मिलने की स्थिति में ये क्षेत्रीय नेता ही तय करेंगे कि मोदी के नेतृत्व में फिर एनडीए सरकार बनेगी या फिर सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को सत्ता तक पहुंचने का मौका मिलेगा। 

नवीन पटनायक 
ओडिशा के मौजूदा सीएम और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक मोदी या राहुल को सत्ता तक पहुंचाने में अहम रोल अदा करेंगे। 2014 के चुनाव में बीजेडी के 18 सांसद लोकसभा तक पहुंचे थे। तब वह पांचवी सबसे बड़ी पार्टी थी। अब आए एग्जिट पोल्स के मुताबिक, पटनायक को फिर 15 तक सीटें मिल सकती हैं। पिछले दिनों मिले संकेतों को देखें तो बीजेपी और बीजेडी की दूरियां कुछ कम होती दिखी भी हैं। पहले फोनी तूफान से निपटने के लिए पीएम मोदी ने पटनायक की तारीफ की। इसके बाद पटनायक भी एनडीए में शामिल होने के संकेत दे चुके हैं। 
चंद्रशेखर राव (केसीआर) 
केसीआर के नाम से प्रसिद्ध राव भारत से सबसे नए राज्य तेलंगाना के सीएम हैं। शुरुआत में खबरें थीं कि केसीआर गैर कांग्रेसी और गैर बीजेपी वाले तीसरे मोर्चे के पक्ष में हैं। हालांकि, अब कहा जा रहा है कि वह बीजेपी की तरफ झुक सकते हैं। राव की पार्टी तेलंगाना राष्ट्रीय समिति के फिलहाल संसद में 10 सांसद हैं। एग्जिट पोल्स के मुताबिक, वह 13 सीट ला सकते हैं। 

जगन मोहन रेड्डी 
खबरें हैं कि वाईएसआर प्रमुख जगन मोहन रेड्डी इसबार अपने विपक्षी चंद्रबाबू नायडू से ज्यादा सीटें लाकर सबको चौंका सकते हैं। इसके बाद से ही बीजेपी और कांग्रेस दोनों उन्हें अपनी तरफ करने में जुटे हैं। कांग्रेस की पूरी कोशिश है कि 23 मई को विपक्षी दलों की बैठक में रेड्डी भी आएं। वहीं बीजेपी ने भी संकेत दिए हैं कि वह जगन की आंध्र को 'स्पेशल स्टेटस' देने की मांग को पूरा कर सकते हैं। एग्जिट पोल्स की मानें तो रेड्डी की पार्टी इसबार 20 सीट तक जीत सकती हैं। जबकि फिलहाल उसके सिर्फ 4 सांसद हैं। 

ममता बनर्जी 
केंद्र में गैर भाजपाई सरकार बनने में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का अहम रोल हो सकता है। पिछले लोकसभा चुनाव में 41 में से 33 सीटें जीतकर टीएमसी चौथी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। एग्जिट पोल्स में भले उन्हें 24 से 29 तक सीटें दी जा रही हों, लेकिन इस सबको ममता 'मजाक' बताती हैं। बीजेपी से वैचारिक मतभेद होने की वजह से वह कांग्रेस को सपॉर्ट कर सकती हैं। 

मायावती 
दलित और पिछड़े तबके की अगुवाई करनेवाली मायावती फिलहाल यूपी में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं। बीजेपी से वैचारिक मतभेद होने के चलते उनका एनडीए में शामिल होना मुश्किल है। लेकिन वह कांग्रेस को सपॉर्ट कर सकती हैं। चंद्रबाबू नायडू से मिलकर उन्होंने ऐसा संकेत दिया भी था। 


अखिलेश यादव 
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को पिछले लोकसभा चुनाव में भले ही सिर्फ 7 सीटें मिली हों लेकिन इसबार मायावती और अजित सिंह के साथ ने उन्हें मजबूत बनाया है। एग्जिट पोल्स में भी उनके गठबंधन को 80 में से 45 सीटें तक मिलने का अनुमान लगाया गया है। 

एमके स्टालिन 
डीएमके अध्यक्ष स्टालिन फिलहाल तक खुले तौर पर पीएम पद के लिए राहुल गांधी का समर्थन करते रहे हैं। लेकिन लोकल बीजेपी नेताओं का दावा है कि वह चुनाव बाद पाला बदलने के लिए उनके संपर्क में हैं। स्टालिन भले ही इस बात को गलत बताते रहें, लेकिन उनकी स्थिति 23 मई के बाद ही साफ होगी। 

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