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पंजाब-हरियाणा

नेताजी सुभाष चंद्रबोस स्टेडियम में एक दिवसीय रबी किसान मेले का आयोजन

 पलवल, (सुन्दर कुंडू ) 

केंद्रीय मृदा लवणताअनुसंधान संस्थान करनाल एवं कृषि विभाग हरियाणा के सौजन्य से पलवल के नेताजीसुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में एक दिवसीय रबी किसान मेले का आयोजन किया गया।मेले का शुभारंभ हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के वाईस चेयरमैन व केंद्रीयमृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल के सदस्य मेहरचंद गहलोत ने किया। इस अवसरपर भाजपा जिलाध्यक्ष जवाहर सिहं सौरोत, भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष भगत सिहंचौहान,पूर्व विधायक रामरतन,प्रगतिशील किसान क्लब के प्रधान बिजेंद्र दलाल,महेंद्रसिहं देशवाल भी मौजूद थे। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के सदस्यमेहरचंद गहलोत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी का विजन है कि किसानों की आय को दोगुणा किया जाए। प्रधानमंत्री नरेद्रमोदी के सपने को साकार करने के लिए केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थानकरनाल ने पलवल जिला के किसानों को जागरूक करने के लिए रबी मेले काआयोजन किया है। भाजपा सरकार अब किसानों के द्वार पर आई है। किसानों कोउनके जिले में ही कृषि में हुए बदलावों,नवीनतम खोजों,कम लागत में अधिक उत्पादनकरने के जानकारी प्रदान की जा रही है। मेहरचंद गहलोत ने कहा कि फसल काअधिक उत्पादन लेने के लिए अधिकतर किसान अधाधुंध रसायनिक खादों का प्रयोगकर रहे है। ऐसा करने से भूमि के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। किसानरसायनिक खादों की बजाय जैविक खेती करें। किसान फसल की बिजाई से पहलेमिट्टïी व जल की जांच अवश्य करवाऐं। मिट्टी की जांच के बाद यह पता लगाया जा सकताहै कि मिट्टी में किन पोषक तत्वों की कमी है। सोयल हेल्थ कार्ड के जरिये भूमिके स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है। ऐसा करने से फसलों के उत्पादन मेंबढोत्तरी की जा सकती है। रबी किसान मेले में मिट्टी व पानी की निशुल्क जांच कीगई। किसानों को गेहूं की उन्नत बीजों जिनमें केआरएल 210,केआरएल213,केआरएल 283 व सरसों सीएस 56,सीएस 58,सीएस 60 और करनाल चना किस्म केबारे में किसानों को जागरूक किया गया। मेले में किसानों के लिए कृषिप्रदर्शनी,लवणीय एवं क्षारीय भूमि में सुधार की जानकारी दी गई। कृषि कार्यमें खारे पानी के उपयोग,भूमिगत जल निकास प्रणाली के बारे में बताया गया।किसानों को फसलों के विविधीकरण एवं कृषि यंत्रों के बारे में तथासंरक्षण खेती और बहुउद्देशिय खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित कियागया। रबी मेले में आए किसान अशोक कुमार ने कहा कि सरकार किसानों केभले के बारे में सोच रही है। मेले में कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि जहां परपानी की कमी है वहां पर ड्रिप विधि के माध्यम से खेती की जा सकती है। मेेलेमें प्रदर्शित किए गए बीजों के बारे में जानकारी मिली है। किसान जयप्रकाश नेकहा कि मेले में कृषि की आधुनिक जानकारी किसानों को मिली है। कृषिवैज्ञानिकों ने नए कृषि यंत्र तैयार कर कृषि की नवीन तकनीक ईजाद की है।उन्होंने कहा कि पुराने जमाने के कृषि यंत्रों से खेती करना मुश्किल है।वर्तमान में कृषि के आधुनिक यंत्रों से कृषि करना आसान है और फसलों कीपैदावार को बढाया जा सकता है। किसान जितेंद्र कुमार ने कहा कि मेले मेंवैज्ञानिकों ने रसायनिक खेती की बजाय जैविक खेती करने पर जोर दिया है।किसान कम लागत में अधिक पैदावार ले सकते है। किसान महेंद्र सिहं ने कहा किरबी मेले में खाद व बीज की उन्नत किस्मों के बारे में जानकारी मिली है जिसकाप्रयोग करने से फसल के उत्पादन को बढाया जा सकता है। किसानों ने कहा कि इसतरह के मेले रबी और खरीफ सीजन में अवश्य लगने चाहिए। ताकि समय समय पर खेतीकी नई पद्घति के बारे में किसानों को जानकारी मिल सके।

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