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चुनाव

दिल्ली से कांग्रेस के 4 उम्मीदवार तय,अभी 3 लोगो पर अटकी है सुई...

कांग्रेस ने सात में से चार लोकसभा उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं। गुरुवार की शाम को हुई केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक में दिल्ली की सातों लोकसभा सीट के उम्मीदवारों के नाम पर फैसला होना था, लेकिन इस बैठक में केवल चार सीटों पर ही फैसला हो पाया और बाकी तीन सीटों में पेच फंस गया। तीन सीटों पर फंसे पेच के पीछे जहां एक तरफ गठबंधन के रास्ते खुले बताने के संकेत माने जा रहे हैं, वहीं सूत्रों का यह भी कहना है कि उम्मीदवारों के चयन के पेच की वजह से इसमें फैसला लेने में और समय लग सकता है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि एक या दो दिन में बाकी तीन सीटों पर भी फैसला हो जाएगा। 
खबरों के मुताबिक नई दिल्ली से पूर्व सांसद अजय माकन, चांदनी चौक से कपिल सिब्बल, नॉर्थ ईस्ट से जय प्रकाश अग्रवाल के नाम तय किए गए। चौथी सीट नॉर्थ वेस्ट की सीट पर पूर्व सांसद द्वारा पार्टी छोड़कर जाने की वजह से यहां पर नए उम्मीदवार को चुना जाना था। इस सीट पर कई दावेदार थे, लेकिन समिति ने दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान के नाम पर मुहर लगा दी। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित ने जयप्रकाश अग्रवाल के नाम का विरोध किया, लेकिन इसके बाद भी समिति ने उनके नाम को हरी झंडी दे दी। 
यही नहीं, सूत्रों की मानें तो शीला दीक्षित के पसंद के एक भी नेता को पार्टी ने उम्मीदवार नहीं बनाया है। पिछले दिनों जब शीला ने पार्टी से अपने पसंदीदा नाम मांगे थे तो उन्होंने सातों लोकसभा सीट से एक-एक नाम दिए थे। जिसमें नई दिल्ली से अर्चना डालमिया, चांदनी चौक से मंगतराम सिंघल, नॉर्थ ईस्ट से मतीन अहमद और नॉर्थ वेस्ट से राजेश लिलौठिया के नाम शामिल थे। सीईसी की बैठक में इन चारों में से किसी को बतौर उम्मीदवार फिट नहीं माना गया। सूत्रों का कहना है कि पार्टी ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देना चाहती है तो जो जीत सकें। इसलिए, पूर्व सांसदों के नामों को तवज्जो दी जा रही है। 
जहां तक बाकी तीन सीटों की बात है तो इसपर सूत्रों का कहना है कि ईस्ट दिल्ली से संदीप दीक्षित ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है, ऐसे में यहां से नए उम्मीदवार को टिकट दिया जाना है। हालांकि इस सीट से शीला द्वारा भेजी गई लिस्ट में पवन खेड़ा का नाम था। सूत्रों का कहना है कि यहां से अरविंदर सिंह लवली और ए के वालिया प्रबल दावेदार हैं। वहीं यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि संदीप की अनुपस्थिति में शीला दीक्षित यहां से उम्मीदवार हो सकती हैं। ईस्ट दिल्ली का यह पेच है, जबकि साउथ दिल्ली का पेच पूर्व सांसद रमेश कुमार को लेकर है। पार्टी उनके नाम पर विचार कर रही है, क्योंकि सज्जन कुमार के जेल जाने के बाद उनके नाम को लेकर पार्टी थोड़ी सजग है। सातवीं सीट वेस्ट दिल्ली को लेकर कहा जा रहा है कि यहां से दो उम्मीदवार हैं, एक महाबल मिश्रा और दूसरा वर्किंग प्रेजिडेंट देवेंद्र यादव। अब किसका पलड़ा भारी रहता है, यह अगले एक या दो दिन में पता चलेगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि एक-दो दिन में इसपर फैसला हो जाएगा। 
सूत्रों का कहना है गठबंधन का रास्ता अभी भी खुला है और जिस प्रकार कांग्रेस ने चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं ,उससे इस कयास को और बल मिल रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार आप और कांग्रेस में चार और तीन सीटों के आधार पर बात आगे बढ़ी है और कांग्रेस ने जिन चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की बात कह रही है उसमें से केवल नॉर्थ-ईस्ट सीट गठबंधन से बाहर की सीट है। सूत्रों का कहना है कि अगर गठबंधन होता है तो चांदनी चौक की सीट के उम्मीदवार बदले जाने की संभावना ज्यादा है। कयास है कि गठबंधन की स्थिति में नॉर्थ-ईस्ट के कांग्रेस उम्मीदवार को चांदनी चौक शिफ्ट किया जा सकता है। बता दें कि चांदनी चौक से अभी पार्टी ने कपिल सिब्बल को और नॉर्थ-ईस्ट से जयप्रकाश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। 
 

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