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पंजाब-हरियाणा

हरियाना में चुनावी बिसात बिछी ,लेकिन  नेता टिकट की जुगत बिठाने  में जनता से नदारद |

कर्ण दलाल ने बिना किसी पार्टी आलकमान की घोषणा के चुनावी होर्डिंग्स में  अपने आप को  प्रत्यासी के तौर पर किया। 
भाजपा के दीपक मंगला और कांग्रेस के कर्ण दलाल ही जनता के बीच में मौजूद। 
 
पलवल , सुन्दर कुंडू :-हरियाना  मे चुनावी बिसात  बिछ चुकी है चुनाव आयोग कभी भी चुनावी तिथी की घोषणा कर  चुनावी बिगुल  फुंक सकता है ,चुनावी आचार  संहिता कभी भी लग सकती  है |जिसके  लिये  चुनाव लडने के  इच्छुक उम्मिदवार अपनी टिकट की गोटी  फिट करने में लगे हुए है |विधानसभा चुनाव की टिकट पाने  के लिए चुनाव लड़कर विधानसभा की दहलीज  पर  पहुँचने के लिए नेता हरसंभव  प्रयाश में लगे हुए है की कैसे भी उनको टिकट मिले ओर वो जनता के मताधिकार के सहारे  चन्दीगढ की  य़ात्रा करें |ऐसे ही हालात पलवल विधानसभा क्षेत्र में बने हुए है जहा एक दो नेताओं को छोडकर बाकी चुनाव लडने के इच्छुक नेता अपने क्षेत्र को छोडकर टिकट की जुगत  में जनता के मध्य से नदारद है |कांग्रेस के करन सिंह दलाल और भाजपा के दीपक मंगला ही दो ऐसे नेता है जो टिकट की टेंसन  छोड जन  सम्पर्क  में लगे हुए है |ऐसे नेताओं की संख्या सबसे ज्यादा सत्ताधारी  भाजपा में है जिसके ज्यादातर नेता टिकट के चक्कर में पार्टी के बडे  नेताओं के दरवाजों  पर  हाजिरी  दे  रहे  है। पलवल से भाजपा की बात  करें तो यहाँ से मुख्यमंत्री के राजनैतिक  सचिव दीपक मंगला ,गुजरात  भाजपा के सह  प्रभारी गौरव  गौतम ,पूर्व मंत्री सुभाष कत्याल  मजबूत दावेदार है, लेकिन  इनमे से दीपक मंगला  को छोडकर कोई भी नेता जनता के बीच  में नजर नही आ रहा सब अपनी टिकट की गोटी फिट करने के लिए हलके से बाहर ड़ेरा  ड़ाले हुए है |वही यहाँ से कांग्रेस के तो करन सिंह  दलाल  ही लगभग एकमात्र नेता है
 
जिनको यहाँ से प्रत्यासी  बनाया जायेगा |वैसे  भी  अगर बात करें  कांग्रेस  की तो उन्होने  हरियाना  में अपने प्रत्यासियों की कोई सूची  जारी नही की है लेकिन  पलवल के विधायक करन दलाल ने जो अपने चुनावी होर्डिंग्स क्षेत्र में लगाये है, उनमे  अपने आपको कांग्रेस प्रत्यासी भी घोषित कर  दिया  है, वैसे भी जब से करन दलाल कांग्रेस में आये है उनके सामने पार्टी के किसी नेता ने पार्टी आलाकमान से टिकट नही माँगा ,वही जजपा से यहाँ सहरी  ज़िलाध्यक्ष तुहीरामं  भारद्वाज ,महिला  जिला अध्यक्ष लता भारद्वाज ओर पार्टी के नेता ग्यालाल चांट टिकट की लाइन में है ओर  इनेलो व बसपा से यहाँ अभी कोई दावेदार उभर कर सामने नही आया |वही पलवल में इस  समय सत्ताधारी दल के स्थानीय और  शीर्ष नेताओं  के लिए पूर्व विधायक सुभाष  चौधरी  सबसे ज्यादा  गले  की फांस  बने हुए है |आपको बता दें  की सुभाष चौधरी ने अभी भाजपा जॉइन  भी नही की है की गत  15 सितंबर को सर्वसमाज  की पंचायत बुलाकर उसमे11 सदस्यों  की कमेटी बनाकर उसमे भाजपा को 20 सितंबर तक  का अल्टिमेटम  दिया  है की य़ा तो भाजपा उन्हे  पलवल से टिकट दे अन्यथा  वो जजपा य़ा बसपा से चुनाव लडेंगे इतना  ही नही पूर्व विधायक ओर उनके समर्थकों ने यह एलान भी पंचायत के माध्यम  से किया  है की अगर  भाजपा  ने पूर्व विधायक को पलवल से टिकट नही दिया तो वो ना केवल पलवल बल्कि  होडल ओर हथीन समेत  तीनों विधानसभा  सीटों पर   भाजपा  प्रत्यासियों  के खिलाफ प्रचार कर  उनको हराने  का काम करेंगे |अब ऐसे में भाजपा के लिए मुश्किल  है की अगर भाजपा सुभाष चौधरी को टिकट देती  है , तो पार्टी के अन्य  नेता बगावत  कर  सकते  है और अगर पूर्व विधायक को टिकट नही मिला तो वो  किसी  अन्य  दल  से चुनाव  लडेंगे ज़िसका  सीधा  सीधा नुक़सान भाजपा प्रत्यासी  को होगा वैसे भी करन सिंह दलाल को उनके राजनैतिक  क़रियर  में केवल एक बार  सुभाष चौधरी ने ही हराया है 1991 से लेकर  2014 तक  के चुनावों मे कोई ओर नेता करन सिंह दलाल के सामने सही  से टिक  भी नही पाया  है ऐसे में सुभाष चौधरी की दावेदारी  ओर भी मजबुत हो जाती है।वैसे यह तो टिकट वितरण के बात ही स्पष्ट होगा की पलवल में मुख्य मुकाबला किसके बीच होगा ,लेकिन अगर बात करें राजनैतिक गलियारों में हो रही चर्चा की तो पलवल में जनता की जुबान पर एक ही चर्चा है पलवल में कांग्रेस से कर्ण दलाल ,भाजपा से दीपक मंगला और अन्य किसी दल दल या आजाद प्रत्यासी के तौर पर सुभाष चौधरी चुनाव लड़ेंगे। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है की पलवल से भाजपा का टिकट दीपक मंगला को ही मिलेगा। ऐसे में कर्ण सिंह दलाल ,दीपक मंगला ,और सुभाष चौधरी के बीच यहाँ कड़ा मुकाबला होगा। 

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