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पंजाब-हरियाणा

भाजपा टिकट दे या नहीं हर हाल में लडूंगा विधानसभा का चुनाव :सुभाष चौधरी


 
भाजपा प्रतिनिधियों पर लगाए विकास के नाम पर अपनी जेब भरने के आरोप। 
 
पलवल (सुन्दर कुंडू ):पूर्व विधायक सुभाष चौधरी ने कहा है कि विधानसभा चुनाव के लिए उन्होंने पूरी तैयारी कर ली है तथा वे हर हालत में चुनाव लडेंगे। चुनाव लडऩे के लिए 36 बिरादरी की 51 सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी, जिसने चुनाव लडऩे के लिए हरी झंड़ी दे दी है। कमेटी ने निर्णय लिया है कि यदि उन्हें कोई पार्टी टिकट नहीं देगी तो वे जनता के दम पर चुनाव मैदान में उतरेंगे। चौधरी रविवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। सुभाष चौधरी ने कहा कि कांग्रेसी विधायक पिछले 25 वर्षों से पलवल की जनता को सता रहे हैं।  इसके अलावा पिछले पांच सालों में भाजपा नेता  ने केवल कमीशन खोरी का काम किया है जितना पैसा विकास के लिए आया उसका 40 प्रतिशत तो कमीशन में ही गया।  उन्होंने केवल विकास कार्यों के नाम पर अपनी जेबे भरने का काम किया है। आज आम जनता की कोई सुनने वाला नहीं है। बीते कुछ दिन पहले केंद्रीय राजयमंत्री कृषणपाल गुज्जर पर तरह तरह के आरोप लगाने वाले सुभाष चौधरी प्रेस वार्ता में उनके प्रति नरम दिखे। उन्होंने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा की भाजपा का ग्राफ आये दिन घट रहा है और कांग्रेस का ग्राफ प्रदेश में बढ़ रहा है। उन्होंने बताया की  जनता ने तीसरे विकल्प के रूप में उन्हें चुना है और उन्हें चुनाव लड़वाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा उन्हें टिकट नहीं देगी तो वो किसी भी पार्टी या  निर्दलीय भी चुनाव लड़ सकते हैं। 36 बिरादरी के लोग उन्हें समर्थन दे रहे हैं तथा जनता ने अपने खर्चे पर ही उन्हें चुनाव लड़ाने का निर्णय लिया है। वे चार अक्टूबर को 20 हजार लोगों को साथ लेकर नामांकन करने के लिए जाएंगे। दरअसल, सुभाष चौधरी ने करीब तीन माह पूर्व इनेलो पार्टी को अलविदा कर दिया था। उससे बाद से ही वे भाजपा की टिकट के जुगत भिड़ा रहे हैं। बीती 15 सितंबर ने चौधरी ने अनाज मंडी में आयोजित पंचायत में 51 सदस्यीय कमेटी का गठन कर चुनावी फैसला लेने के लिए अधिकृत किया था। कमेटी ने रविवार को स्पष्ट कहा कि पूर्व विधायक सुभाष चौधरी विधानसभा चुनाव लडेंगे। अभी भी पहली प्राथमिकता भाजपा की टिकट पर चुनाव लडऩे की है। भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो फिर जिस पार्टी से उन्हें टिकट मिलेगा, उससे चुनाव लडेंगे और कहीं से भी टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय चुनाव लडेंगे। आपको बता दें की सुभाष चौधरी ने 15 सितंबर को एक महापंचायत बुलाई थी जिसमे 51 सदस्यों की कमेटी बना अगली रणनीति के बारे में राय देने की बात कही गयी थी। उसी के आधार पर पूर्व विधायक ने अपने आवास पर पत्रकार वार्ता कर यह जानकारी दी की वो हर हाल में पलवल विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे भाजपा उन्हें टिकट दे या नहीं। अगर उन्हें भाजपा टिकट नहीं भी देती है तो चाहे आजाद भी चुनाव लड़ना पड़े वो चुनाव लड़ेंगे। 

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