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पंजाब-हरियाणा

विधानसभा चुनावों का गणित न बिगड़ दें प्याज के दाम। 

पलवल 24 सितंबर सुन्दर कुंडू : प्याज के दामों में पिछले चंद दिनों में हुई बढ़ोतरी ने गृहणियों की चिंता बढ़ा दी है प्याज के दामों में हो रही बढ़ोदटरी का असर ज्यादातर आम आदमी पर पड़ता नजर आ रहा है। आज प्याज के भाव की बात करे तो पलवल में प्याज के भाव 50 से 55 रुपए किलो प्याज का थोक  का भाव है और फुटकर में 70 से 80 रुपए किलो तक प्याज मिल रही है।इसमें भी प्याज की अच्छी और हल्की क्वालिटी के रेटों में अंतर है।  जिससे लोगो के माथो पर चिंता की लकीरें आना जाहिर सी बात है। क्योँकि प्याज के महंगे होने का असर घरों,होटलों और प्याज के रस से दवाई बनाने वालो पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। ऐसा ना हो कहीं प्याज के दाम सरकार के विधानसभा के गणित को बिगड़ दें। क्योँकि प्रदेश में अगले महीने में विधानसभा चुनाव है। अगर बात करे प्याज की तो यह पहला मौका नहीं है जब प्याज के दाम सातवे आसमान पर हो। लेकिन इससे भी बड़ी बात यह है की प्याज के ये बढ़ते दाम कहीं सरकार के गणित को ना बिगड़ दें पहले भी कई बार प्याज के दामों ने सरकारों को गिराने और बनाने में बड़ी अहम भूमिका अदा की है। क्योँकि विरोधी दलों के पास बढे हुए प्याज के दाम एक अहम मुद्दा होगा। इसलिए सरकार को प्याज के दामों में कमी अवसाय लानी पड़ेगी अन्यथा इसका बड़ा नुक्सान चुनावों में सरकार को उठाना पड़ सकता है। प्रदेश में अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने है ऐसे में प्याज के बढे दामों पर  प्रदेश के आधे से ज्यादा मतदाताओं की नजर रहेगी। क्योँकि घरों में प्याज की खरीद और उसका प्रयोग ज्यादातर महिलाओं द्वारा किया जाता है। कहीं प्याज की बढ़ी कीमतों का गुस्सा चुनावों में ना फुट जाये और महिला मतदाता इसका  बदला वोट की चोट से ना लेले। आपको बता दे की प्याज  के दाम  चार साल में पहली बार इस तरह की ऊंचाई को छू रहे हैं। इससे पहले साल 2015 में  प्याज के दाम में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। 
 
दिवाली के त्यौहार के चलते प्याज की कीमतों का बढ़ना और बड़ी परेशानी :
देश का सबसे बड़ा त्यौहार दिवाली आने वाली है। अगर प्याज के दाम इसी तरह रहे या फिर और बढ़ गए तो लोगो को और ज्यादा रुलायेंगे। क्योँकि दिवाली के त्यौहार पर प्याज की खपत सबसे ज्यादा होती है अगर प्याज के बढ़ते दाम रोकने में सरकार कामयाब नहीं होती है तो लोगो के जेब पर और ज्यादा वजन पड़ने वाला है। जो सरकार के लिए विधानसभा चुनावो में परेशानी का सबब बन सकता है क्योँकि प्याज हर घर की जरूरत है। बिरले ही ऐसे लोग है जो प्याज को धार्मिक मान्यताओं के चलते प्रयोग नहीं करते। साथ ही प्याज का रस दवाइयों में भी प्रयोग होता है उसका भी सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। अगर सरकार ने प्याज के दामों में जल्द कमी नहीं की तो बढे हुए दाम सरकार के तमाम वादों पर हावी हो जायेंगे और विरोधी दल प्याज के बढे दामों के मुद्दे को भुनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। 
नवंबर तक नहीं है प्याज की कीमतों में कमी आने के आसार :
प्याज की सप्लाई इन दिनों कम है।इस मौसम में  प्याज का ज्यादातर स्टॉक आंध्रप्रदेश और कर्नाटक से आता है। लेकिन बारिश के चलते ज्यादातर स्टॉक खराब हो चूका है। इसके चलते इन दोनों राज्यों से प्याज ना के बराबर आ रही है। और प्याज की डिमांड ज्यादा है। इसी की वजह से प्याज के दामों में बढ़ोतरी हो रही है। महाराष्ट्र और राजस्थान से प्याज की नई खेप नवंबर तक आएगी। जिसके चलते करीब दो-तीन महीनों तक प्याज की कीमतों में कमी के आसार नहीं दिख रहे हैं। 
 
क्या कहते है गृहिणी :
प्याज की बढ़ी कीमतों पर गृहणियों का कहना है की प्याज के बिना घरों में कोई भी खाद्य पदार्थ नहीं बनता। और प्याज के बढे दामों के बाद प्याज खरीदना भारी पड़ रहा है। सरकार को प्याज के दामों में कमी लानी चाहिए।  गृहणियों ने कहा की प्याज के बढे दामों का असर केवल आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। और आम आदमी पहले ही मंडी और महंगाई की मारी झेल रहा है। अब प्याज के बढे दामों ने रही सही कसर पूरी कर आम आदमी की कमर तोड़ दी है। प्याज के बढे दामों ने आम आदमी के मुँह का निवाला छीन लिया है। 

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