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पत्रकार, 15 लाख प्रकरण ने करनाल ही नहीं बल्कि हरियाणा में पत्रकारों की छवि काफी धूमिल की है!

पत्रकार, 15 लाख प्रकरण ने करनाल ही नहीं बल्कि  हरियाणा में पत्रकारों की छवि काफी धूमिल की है! 

पीत पत्रकारिता समाज के साथ साथ पत्रकारों के लिए भी चिंता का गंभीर विषय है! उपरोक्त प्रकरण की सच्चाई तो पुलिस की जांच और कोर्ट के फैसले के बाद ही सामने आ पाएगी परन्तु मुझे आज यह कहने में तनिक भी गुरेज नहीं कि अब समय आ गया है जिले व हरियाणा के तमाम पत्रकार  संगठनो को पत्रकारिता के गिरते स्तर पर गंभीरता से चिंतन और मनन करना चाहिए ।पत्रकारिता के निरंतर गिरते स्तर पर क्या करना चाहिए, जिससे पत्रकारिता की खोयी हुई मर्यादा बहाल की जा सके! 
उपरोक्त शर्मनाक प्रकरण के पश्चात पत्रकार संगठनो को चाहिए कि अपने स्तर पर सारे मामले की सच्चाई जानने का प्रयास करें , अगर मामला गलत है तो अपने पत्रकार साथियों का खुलकर बचाव करें और हर संभव मदद देने का प्रयास करें, यदि मामले में थोड़ी भी सच्चाई पायी जाती है तो ऐसे पीत पत्रकारों का ना केवल सामाजिक बहिष्कार करें, अपितु इन्हें काननू से दंडित करवाने के लिए प्रशासन और कानून की भी मदद करें, ताकि पूरे समाज और देश में यह संदेश पंहुच सके कि पत्रकारिता की आड़ में काले कारनामें करने वाले असामाजिक तत्वो को कदापि किसी भी सूरत में पत्रकार समाज बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं हैं । 
आज हैरानी इस बात को लेकर भी होती है कि पाँच हजार रूपये के मोबाइल को लेकर पत्रकारिता को कैरियर बनाने की सोच रखने वाली बहुत सी काली भेड़ें इस पाक पेशे में घुस आई हैं जो ना तो पत्रकारिता के पेशे की इज्ज़त करना जानती हैं और ना ही पत्रकारिता के सिद्धांत को समझती हैं , हाँ उन्हें समझ है तो सिर्फ़ इतनी कि पाँच हजार रूपये के मोबाइल के सहारे सोशल मीडिया पर लोगों की पगड़ी कैसे उछाली जा सकती है! 
यह लोग किसी को भी गुंडे बोल सकते हैं, किसी को भी बदनाम कर सकते हैं, किसी की भी इज्ज़त के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं, और तो और जज बन आरोपी को दोषी करार दे फैसला भी सुना सकते हैं! 
सवाल यह है कि आखिर इन्हें यह अधिकार दिया किसने है !
सवाल यह भी है कि पत्रकार संगठन ऐसी काली भेडो़ पर नकेल आखिर क्यों नहीं कसती?
प्रशासन और सरकार में बैठे लोगों को पत्रकारिता के लिए विनाशकारी तत्वों से विशेष लगाव क्यों है? 
सवाल बहुत से हैं , जिनका जवाब सिर्फ पत्रकारिता के गिरते स्तर को बहाल करके ही दिया जा सकता है।

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