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पंजाब-हरियाणा

गेंहू खरीद में लिया जाएगा शिक्षकों व पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों का सहयोग 


चार सौ खरीद केंद्र से बढ़ाकर आठ सौ करने की योजना

जींद, 05 अप्रैल।

हरियाणा सरकार को इस बार गेहूं की खरीद के लिए राज्य में गांवों के आसपास खरीद केंद्र बनाने पड़ेंगे। खरीद केंद्रों की संख्या भी बढ़ेगी। अभी तक हर साल करीब चार सौ खरीद केंद्र बनाए जाते हैें, जिन्हें बढ़ाकर आठ सौ करने की योजना है। इतना ही नहीं, गेहूं खरीद के कार्य में शिक्षकों व पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों का सहयोग लिया जाएगा। हरियाणा सरकार चाहती है कि लॉकडाउन खत्म होने के बावजूद किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए घरों से समूह के रूप में ज्यादा दूर न जाना पड़े। इसलिए गांव दर गांव गेहूं खरीद की योजना बनाई जा रही है। यदि हर गांव में पहुंच संभव नहीं हो पाई तो आसपास के गांवों का एक केंद्र बनाकर गेहू्ं खरीद की जाएगी। बड़े गांवों के खेल स्टेडियम और सत्संग भवनों में खरीद प्रक्रिया संभव है। करीब 80 लाख टन गेहूं सरकार देहात से खरीदेगी। राज्य में हर साल 125 लाख टन से अधिक गेहूं का उत्पादन होता है, जिसमें से 80 फीसदी की खरीद हो पाती है। बाकी गेहूं लोग अपने खाने और बीज के इस्तेमाल के लिए रख लेते हैं।

हरियाणा कृषि मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपनी रिपोर्ट दें कि गेहूं खरीद के कार्य में पीडब्ल्यूडी कर्मियों व शिक्षकों के अलावा किस विभाग के कर्मचारियों को जोड़ा जा सकता है। रिपोर्ट आने के बाद जल्द ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला कैबिनेट के बाकी मंत्रियों के साथ चर्चा कर इस पर अंतिम फैसला लेंगे। हरियाणा से हर साल करीब 15 फीसदी केंद्रीय पूल में अनाज जाता है।

हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के अनुसार राज्य में फिलहाल डेढ़ माह का राशन एडवांस में है। खाद्य सामग्री की कोई कमी नहीं है। दाल व सरसों तेल आदि की आपूर्ति तेजी से हो रही है। प्रदेश में गेहूं की खरीद के लिए तैयारी चल रही है। यह संकट की घड़ी है। कई विभाग और कर्मचारी इसके लिए आगे आ रहे हैं।

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