• 12:57 pm
news-details
पंजाब-हरियाणा

पूर्व विधायक की रविवार को होने वाली पंचायत पर रहेंगी सभी प्रत्यासियों की नजर , अपने अपने पक्ष में समर्थन के लिए ज्यादातर प्रत्यासी पहुंचे सुभाष चौधरी के आवास पर।

पलवल, (सुन्दर कुंडू) : प्रदेश में विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां तेज है ,जिसके चलते सभी प्रत्यासी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कोशिश में जुटे है उसी का ताजा उदाहरण इस समय पलवल में देखने को मिला जब पलवल से तीनो मुख्य पार्टियों भाजपा ,कांग्रेस ,और जजपा के प्रत्यासी पूर्व विधायक सुभाष चौधरी के आवास पर उनसे अपने लिए समर्थन मांगने पहुंचे। हालाँकि सुभाष चौधरी ने किसी भी प्रत्यासी को अभी अपना समर्थन नहीं दिया। सुभाष चौधरी ने एक वीडियो जारी कर सोशल मीडिया पर फ़ैल रही समर्थन की अफवाहों को ख़ारिज किया। उन्होंने बताया की उन्होंने अभी किसी को भी अपना समर्थन नहीं दिया है। उन्होंने बताया की 6 अक्टूबर को मुस्कान गार्डन में एक विशाल पंचायत का आयोजन किया जायेगा जिसमे पंचायत फैसला लेगी की पूर्व विधायक सुभाष चौधरी और उनके समर्थक किस पार्टी या किस प्रत्यासी का समर्थन करेंगे। पूर्व विधायक सुभाष चौधरी ने जारी वीडियो में कहा की उनके आवास पर भाजपा के दीपक मंगला ,कांग्रेस के कर्ण दलाल और जजपा के गयालाल चांट वोट मांगने आये यही जो सबका अधिकार है ,लेकिन जो सोशल मीडिया पर मेरा किसी प्रत्यासी को समर्थन देने की अफवाहें चल रही है वो सभी बेबुनियाद है ,जो भी फैसला पंचायत में होगा उसी के तहत समर्थन का एलान किया जायेगा। आपको बता दें की सुभाष चौधरी 2009 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के कर्ण दलाल दलाल को हराकर इनेलो की टिकट पर विधायक बने थे।दूसरी बार भी इनेलो की टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन चुनाव में उन्हें पराजय मिली। इस चुनाव में 32000 के लगभग वोट मिले थे।जिनसे अंदाजा लगाया जा सकता है की समर्थकों की एक लम्बी फौज उनके साथ है जिसके चलते प्रत्येक प्रत्यासी किसी भी कीमत में सुभाष चौधरी का समर्थन अपने पक्ष में लेने के लिए प्रयासरत है। इस विधानसभा के चुनाव के लिए सुभाष चौधरी भाजपा से टिकट मांग रहे थे लेकिन उन्हें भाजपा ने टिकट ना देकर अपने पुराने चेहरे दीपक मंगला पर ही दाव खेला है।  जिससे सुभाष चौधरी और उसके समर्थक भाजपा से नाराज नजर आ रहे है। वैसे भी सुभाष चौधरी और उनके समर्थक टिकट वितरण से पहले एक विशाल पंचायत कर भाजपा को अल्टीमेटम दे चुके थे की अगर भाजपा ने पलवल क्षेत्र से उन्हें टिकट नहीं दिया तो सुभाष चौधरी और उनके समर्थक ना केवल पलवल विधानसभा सीट बल्कि जिले की तीनो सीटों पलवल ,होडल और हथीन में भाजपा प्रत्यासियों को हराने का काम करेंगी। अब जब भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया है तो राजनैतिक गलियारों में यही चर्चा है की टिकट ना मिलने की नाराजगी के चलते सुभाष चौधरी और उनके समर्थक भाजपा को अपना समर्थन नहीं देंगे। लेकिन चाहे जो भी  फैसला पंचायत में होगा इसका तो रविवार को होने वाली पंचायत में ही पता  चलेगा। लेकिन एक बात साफ़ है की सुभाष चौधरी का समर्थन हार जीत के गणित को बदलने वाला होगा। जिसके चलते सभी प्रत्यासी रविवार को होने वाली इस पंचायत पर टकटकी लगाए बैठे है की पंचायत में किसके पक्ष में फैसला लिया जायेगा। 
 

 

You can share this post!

Comments

Leave Comments