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पंजाब-हरियाणा

खटटर साहब को भुगतना पड सकता है बेवजह एबीआरसी के उम्मीदवार का र्शाट लिस्ट से नाम उडाना।

सूबे के मुख्यमंत्री खटटर साहब की भर्ती पारदर्शिता टंकी खूटी पर एबीआरसी भती बनी प्रदेश में चर्चा का विषय महज 2-3 दिनों में ही बदल दी गई एबीआरसी  पदो की शार्ट लिस्ट...

होडल ( पवन वशिष्ठ] बृजमोहन ) एन बी एस न्यूजः- इन दिनो वर्तमान भाजना सरकार द्वारा हाल ही में जारी एबीआरसी  पदो कीभर्ती आरोप - प्रत्यारोपो के बीच र्चा का विषय बनी हुई है। ज्ञात हो कि एन बी एस मीडिया ग्रुप ने गत दिवस अपने अंक में विस्तार से बताया था । कि किस तरह माननीय प्रधान मंत्री जी के नाम व चेहरा की आड मे दुवारा सी एम बनने की चाह लिए खटटर साह ने अपने उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ मिलकर भर्तियों में परदशिता का ढकोसला दिखाते हुए महज 2-3 जिलों में ही शिक्षा विभाग के एबीआरसी  पदों की लिस्ट दो बार निकाल डाली। जिसमें पहली लिस्ट के शार्ट लिस्टड आधे से जयादा उम्मीदवारों के नाम हवा में उडाकर महाभारत काल की तरह वरदान से ही दूसरी लिस्अ में नए उम्मीदवार पैदा कर दिए। उक्त वाक्यान के चलते वर्तमान मुख्यमंत्री खटटर साहब की आगामी चुनाव जीतने की भर्तियो में पारीदर्शिता वाली चाल खॅूटी पर टंकी नजर आ रही है। आज प्रदेश में भले ही मोदी जी के नाम व चेहरा की आड लेकर खटटर साहब अपनी ईमानदारी व पारदर्शिता का डंका बजा रहे हे। लेकिन उक्त एबीआरसी  सी पदो की भती ने खटटर साहब का असली चेहरा माजन के सामने ला दिया है। जब उक्त भती के बार में एन बी एस मीडिया गु्रप की टीम ने अलग अलग स्थानों से उक्त पदो के पीडित उम्मीदवारों से जानकारी हांसिल करी तो पता चला कि पूरी तरह शक भ्रष्टाचार के घेरे मे है। उम्मीदवारों ने बताया कि परिणाम घोषित होने के बाद जब उन्हें वास्तिविक प्रमाण पत्रों की जांच के लिए बुला ही लिया गया था तो उन्हें किस आधार पर शार्ट लिस्ट से ध्वस्त कर दिया । उन्होने यह भी कहा कि जब गत माह की 29 तारीख को परदर्शिता का नाटक रकने वाले ईमानदार खटटर सहाब के सम्बन्धित विभागीय आला अधिकारी सन्देशों व फोन कॉल के माध्यम से दिन भर एबीआरसी  - एबीआरसी  खेल रहे थे।तो उन्हें जो सन्देश प्राप्त हुआ उसमें केवल प्रमाण पत्रों की जांच टालने व दुवारा तारीख निश्चित करने की बात कही गई थी।आखिर फिर भी वर्तमान सरकार ने नुमाईदो व सम्बन्धित आला अधिकरयिों ने मिलकर ऐसा क्या गेम खेला जो रातो रात पूरी शार्ट से पुराने उम्मीदवार गायब कर नए डाल दिए गए उत्तर प्रदेश नोएडा निवासी संजीव कुमार ने बताया कि उक्त प्रकार का घपला उनके साथ एबीआरसी  पदों मे ही नही बल्कि उक्त विभाग की बीआरपी पदो की भर्ती मे भी किया गया है। उन्होने बताया कि पहले तो विभाग द्वारा जारी करीब 1700 उम्मीदवारों की एबीआरसी शार्ट लिस्ट में उक्त सभी उम्मेदवारों के नाम थे अब एैसा क्या खेल खेला गया जो एबीआरसी करीब 2100 उम्मीदवारों व बीआरपी के करीब 800 उम्मीदवारों की शार्ट लिस्ट में उक्त सभी के नाम नही है उक्त सभी उम्मीदवारों ने वर्तमान भाजपा सरकार व आला अधिकारियों पर भतीर्र में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उक्त भती पर रोक नही लगी तो आगामी चुनाव से सपहले उक्त सभी उच्च स्त्र पर आन्दोलन करेंगे और सरकार की गलत भ्रष्ट नीतियो के बारे में आमजन को बताएगे। शर के कई सामाजिक संगठनों ने भी उक्त भर्ती के प्रति रोष व्यक्त करते हुए सरकार से भर्ती प्रक्रिया की पुनः जांच कराने की मांग की है।

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