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भारत

कर्नाटक में आज भी इस्तीफों की झड़ी ज़ारी, स्पीकर लेंगे फैसला...

इस्तीफा दे चुके बागी विधायक अपने फैसले पर अड़े हुए हैं और पल-पल अपना ठिकाना बदल रहे हैं। 
मुख्यमंत्री कुमारस्वामी बोले- सरकार को खतरा नहीं, बागी विधायकों पर आज फैसला लेंगे स्पीकर।
दो मंत्रियों ने और छोड़ा साथ, येदियुरप्पा ने सीएम कुमारस्वामी से मांगा इस्तीफा।
अब तक 15 विधायकों का इस्तीफा, गठबंधन के पास मात्र 103 विधायक बचे।
कर्नाटक में बड़े सियासी घटनाक्रम के बीच आज बागी विधायकों के इस्तीफे पर विधानसभा अध्यक्ष फैसला ले सकते हैं। वहीं बागी विधायकों को संतुष्ट करने के लिए गठबंधन ने उन्हें मंत्रीपद देने पर विचार किया था लेकिन ये दांव भी सफल नहीं हो पाया। इन बागी विधायकों ने सोमवार सुबह होटल में आयोजित एक बैठक में कहा कि मौजूदा सरकार में मंत्री बनने का कोई फायदा नहीं है, क्योंकि कांग्रेस सरकार की स्थिरता को आसानी से हिलाया जा सकता है। भाजपा भी राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी से इस्तीफे की मांग कर रही है। 
 
तो गोवा पहुंच सकते हैं विधायक?
 सोमवार को मुंबई से गोवा के लिए रवाना हुए बागी विधायकों को पुणे लाया गया है। और अब माना जा रहा है कि उन्हें मंगलवार को विशेष विमान से गोवा लाया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार इन विधायकों को पहले सड़क के रास्ते से मुंबई भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष मोहित भारतीय के साथ गोवा ले जाया जा रहा था, लेकिन बाद में पुणे लाया गया। अब माना जा रहा है कि ये यहां से गोवा के लिए निकलेंगे। संभावना है कि विधायकों को गोवा में एक रिजॉर्ट में ठहराया जाएगा।
मुंबई या गोवा में हैं बागी विधायक, सस्पेंस
 बागी विधायकों को पहले पुणे और बाद में गोवा भेजने की योजना बनी थी लेकिन वह फिलहाल में मुंबई में ही कहीं ठहरे हुए हैं।
 
आज फैसला लेंगे स्पीकर  
बागी विधायकों के इस्तीफे पर स्पीकर केआर राकेश कुमार मंगलवार को फैसला लेंगे। शनिवार को कांग्रेस के 10 और जेडीएस के 3 विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद सरकार मुश्किलों में घिर गई थी। नागेश और आर शंकर के इस्तीफे के बाद सरकार के पास 116 विधायकों (कांग्रेस-78, जदएस-37, बसपा-1) का समर्थन है। अगर 13 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार हो जाते हैं तो गठबंधन के बाद 103 विधायक होंगे और सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 113 है।  
भाजपा का हिस्सा बनना चाहते हैं
इन विधायकों का कहना है कि ये अपने इस्तीफे पर दृढ़ हैं और भाजपा की अगुवाई वाली सरकार का हिस्सा बनना चाहते हैं। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने मौजूदा संकट को दूर करने के लिए पार्टी के वरिष्ट नेता डीके शिवकुमार को इन विधायकों को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब बागी विधायक मुंबई में थे तब भाजपा नेताओं ने उनपर नजर बनाए हुई थी। भाजपा नेताओं ने इस बात का दावा भी किया था कि इस समूह में और भी बागी विधायक शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी मुंबई के इस होटल के बाहर सोमवार को प्रदर्शन करते हुए बागी विधायकों से इस्तीफा वापस लेने की मांग की थी।
अब तक 15 विधायकों ने दिया इस्तीफा
कर्नाटक के दो निर्दलीय विधायकों ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। इन दोनों विधायकों को मिलाकर कुल 15 विधायक कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन से अपना समर्थन वापस ले चुके हैं। 
अल्पमत में है सरकार, इस्तीफा दे
बंगलूरू में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जिससे पहले येदियुरप्पा ने कहा कि कुमारस्वामी की सरकार अल्पमत में है और उन्हें तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे देना चाहिए। येदियुरप्पा ने कहा कि इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को पूरे राज्य में प्रदर्शन किया जाएगा। सरकार बनाने का फैसला भी केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। बता दें भाजपा की विधायक दल की बैठक राज्य के राजनतिक हालातों को देखते हुए बुलाई गई थी।

कांग्रेस ने इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया। सोमवार को शून्य काल में कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने आरोप लगाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश और कर्नाटक में दलबदल कराने का काम चल रहा है। कर्नाटक कांग्रेस के विधायकों को प्रलोभन देकर दलबदल का काम हो रहा है। इन विधायकों को पांच सितारा होटल में ठहराया जाता है। चौधरी ने कहा कि, "लोकसभा में 303 सांसद जीतने के बाद आपका पेट नहीं भरा? आपका पेट कश्मीरी गेट के बराबर हो गया है।"

हालांकि कांग्रेस के इन आरोपों पर रक्षा मंत्री और सदन के उपनेता राजनाथ सिंह ने कहा कि जो कुछ भी कर्नाटक में हो रहा है कि उसका हमारी पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि त्यागपत्र देने का सिलसिला भाजपा ने नहीं बल्कि राहुल गांधी ने शुरू किया था। उन्हीं के कहने पर कई नेताओं ने त्यागपत्र दिए थे।

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