• 09:39 am
news-details
पंजाब-हरियाणा

शराब घोटाले की जांच पर विज और दुष्यंत आमने-सामने

 

शराब घोटाले ने गठबंधन में डाली फूट
आरोपी अफसरों को बचाने में जुटे दुष्यंत चौटाला

चंडीगढ़। लोक डाउन के अंदर प्रदेश में हुआ शराब घोटाला बीजेपी जेजेपी गठबंधन के बीच दरार पैदा करता हुआ नजर आ रहा है। शराब घोटाले को लेकर बनाई गई एसईटी की रिपोर्ट को लेकर गृह मंत्री अनिल विज और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के बीच बढ़ा टकराव होता हुआ नजर आ रहा है।
एसईटी की रिपोर्ट में आरोपी बनाए अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लेने के लिए जहां गृह मंत्री अनिल विज कठोर कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ दुष्यंत चौटाला आरोपी अधिकारियों को बचाने के लिए मैदान में कूद पड़े हैं।


हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान हुए शराब घोटाले में एसईटी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट गृह मंत्री अनिल विज को सौंपी। रिपोर्ट से अनिल विज संतुष्ट भी नजर आए,वहीं एक दिन बाद ही राज्य के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने एसईटी की रिपोर्ट को ही खारिज कर दिया। यहां तक कि उन्होंने अपने विभाग के सभी अधिकारियों को क्लीन चिट भी दे दी।

दुष्यंत चौटाला के इस रुख के बाद हरियाणा की गठबंधन सरकार के मतभेद एक बार फिर उजागर हुए हैं। बता दें कि,शराब घोटाले के सामने आने पर गृह मंत्री अनिल विज ने एसईटी के गठन का प्रस्ताव रखा था। तब भी अंदरखाने इस प्रस्ताव का विरोध किया गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने एसईटी के गठन को मंजूरी दे दी थी। अब एसईटी की रिपोर्ट को भी दुष्यंत चौटाला ने खारिज कर दिया है.. दुष्यंत ने ये भी कहा कि एसईटी ने डिस्टलरी से सीसीटीवी लगाने की बात कही है और ये एक्साइज पॉलिसी में पहले से मौजूद है।

दुष्यंत ने रिपोर्ट के इस अंश का कोई जवाब नहीं दिया कि डिस्टलरी में सीसीटीवी कैमरे लगाए तो गए थे, लेकिन उसका नियंत्रण डिस्टलरी प्रबंधन के हाथ में था और इसकी फुटेज कभी सरकार को नहीं भेजी गई.. उन्होंने रिपोर्ट में आबकारी एवं कराधान आयुक्त शेखर विद्यार्थी पर लगाए गए आरोपों को भी खारिज करते हुए उन्हें क्लीन चिट दे दी है।

You can share this post!

Comments

Leave Comments