• 09:27 am
news-details
पंजाब-हरियाणा

सरकार की वादाखिलाफी के चलते धरने को मजबूर कोरोना योध्या 


पलवल,

 

:सरकार की वादाखिलाफी के चलते कोरोना योद्धा धरणा -प्रदर्शन करने को मजबूर हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ मानी जाने वाली आशा वर्करों की 7 अगस्त से हड़ताल चल रही है। आशा वर्करों का कहना है की यह हड़ताल 13 अगस्त तक चलेगी अगर तब भी मांगे नहीं मांगी गयी तो अगले आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी और सरकार को मांगों को मानने के लिए मजबूर किया जायेगा। सीटू से संबंधित आशा वर्कर यूनियन हरियाणा के जिले भर की आशा वर्करों की लगातार हड़ताल चल रही है।

स्वास्थ्य विभाग के जिला मुख्यालय पर धरने पर बैठी आशा वर्करों का कहना है कि सरकार ने  उनका आठ सेवाओं  पर इंसेंटिव देना बंद कर दिया है जिसकी वजह से उनकी मासिक आमदनी में  काफी कमी आ गई है  ।  साथ ही साथ  प्रदेश सरकार  के साथ वर्ष 2018 में एक समझौता हुआ था सरकार ने अभी तक भी लागू नहीं किया है।  जिसके कारण मजबूरी बस हम आशा वर्करों को हड़ताल पर बैठना पड़ा है। यह हालत तो तब है जब आशा वर्करों को सरकार द्वारा कोरोना योध्या घोषित किया हुआ है। आशा वर्कर यूनियन की प्रधान सरोज बाला का कहना है कि गत वर्ष तक उन्हें डी एन सी,एएनसी, डेथ बर्थ सर्टिफिकेट , हाउसहोल्ड सर्वे, ईसी कपल, बी एच एमसी आदि सर्विस इस पर 50% इंसेंटिव मिलता था

इसे बंद कर दिया गया है हमारी मांग है कि सरकार हमारी इन 8 सेवाओं पर इंसेंटिव को दोबारा शुरू करें तथा वर्ष 2018 में लागू समझौते को तुरंत लागू करे। उन्होंने बताया की जो हमें 1000 रुपये मिलते थे वो भी कोविड 19 के चलते उन्हें बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा की सरकार ने हमें स्मार्ट फ़ोन देने का सरकार ने वादा किया  वो भी नहीं दिया गया। वहीं जिला सचिव रामरती ने बताया की 2018 में सरकार के साथ जो आशा वर्करों का समझौता हुआ था वो लागु गया।  साथ ही उन्होंने बताया की सरकार उन्हें स्थायी कर्मचारी नियुक्त करे अन्यथा उन्हें 24000 रुपये मासिक दिए जाये। रामरती ने कहा की अगर 13 तारीख तक सरकार ने हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जायेगा।

 वहीं आशा वर्करों को समर्थन दे रही सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान बनवारी लाल ने बताया वर्ष 2018 में सरकार के साथ आशा वर्करों का समझौता हुआ था जिसको अभीतक लागू नहीं किया जिसके चलते आशा वर्कर हड़ताल पर है अगर सरकार ने इनकी मांगे नहीं मानी तो इनकी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने की मजबूरी होगी। बनवारी लाल ने कहा की सरकार इनसे बात तक करने को तैयार नहीं। उनका कहना है की वैसे तो इन्हे कोरोना योध्या कह दिया लेकिन उसके बावजूद ये अपनी जायज मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर है। उन्होंने कहा की सर्व कर्मचारी संघ आशा वर्करों की मांगों और हड़ताल का समर्थन करता है।

You can share this post!

Comments

Leave Comments