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हर घर से दो नौकरी देना पहला लक्ष्य, सरपंच चुनाव में जनता का भरोसा होगा दीपक


गांव वालों ने मौका दिया तो एक साल में पलट देंगे गांव की तकदीर: दीपक


पलवल। जिले के ब्राह्मण बाहुल्य गांव पेलक के होनहार युवा बिजनेसमैन दीपक शर्मा ने आगामी ग्राम पंचायत के चुनावों में सरपंच पद की उम्मीदवारी पर अपना दावा ठोक दिया है। ग्राम पंचायत के सरपंच  का पद अबकी बार महिला (जनरल) आरक्षित है । दीपक शर्मा ने यहां जारी एक बयान में कहा कि इस चुनाव वे अपनी शिक्षित धर्मपत्नी डिंपल शर्मा को चुनावी समर में जीत के उद्देश्य से उतारेंगे। युवा औजस्वी दीपक के अनुसार उनके दादा स्व. खरतुआ ने पेलक गांव में वर्षों तक सरपंच रहकर लोगों की सेवा की है। उनके स्वर्गवासी होने के बाद गांव में पार्टीबाजी और मौहल्लेबाजी के बीच सरपंची उलझ कर रह गई।


 जिस गति से पेलक गांव का विकास होना था उस गति से यहां का विकास नहीं हुआ। दीपक के अनुसार वर्तमान में जो भी सरपंच पद पर उम्मीदवारी की दावेदारी कर रहे हैं सही मायने में उनको पंचायती राज एक्ट की एबीसी की भी जानकारी नहीं है। दीपक के अनुसार अगर गांव की बस्ती माता ने उन्हें मौका दिया तो वे गांव में खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम का निर्माण करायेंगे ताकि होनहार खिलाड़ी प्रशिक्षित होकर देश-प्रदेश में गांव का नाम रौशन करें। इसके बाद उनका उद्देश्य गांव में लघुउद्योग को बढ़ावा देना होगा, यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। दीपक का कहना है कि गांव से सैकड़ों लोग प्रतिदिन पलवल और पलवल से फरीदाबाद तथा दिल्ली, नोएडा रेल के द्वारा नौकरी के लिए जाते हैं। कई बार ऐसी दु:खद घटनाऐं हुई हैं जिनमें नौकरी से आते-जाते समय एक्सीडेंट में या तो मौत हो गई या फिर हाथ-पैर खराब हो गये।

दीपक का सपना है कि गांव से कोई भी प्राईवेट नौकरी करने गांव से बाहर न जाये। दीपक का दावा है कि गांव के लोग केवल एक बार उन्हें सेवा का मौका दे दें तो वे गांव में इतने लघुउद्योग स्थापित करा देंगे कि प्रत्येक घर से दो नौकरी फरीदाबाद और दिल्ली की सैलरी के बराबर गांव में ही नौकरी मिल जायेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि एक तो दूर आने-जाने का समय बच जायेगा और दुर्घटना की संभावना नहीं होगी। 


तीसरा उनका वायदा यह होगा कि जिन बुजुर्गों की उम्र ६० वर्ष हो गई है और उनकी पेंशन नहीं बन रही है तो वे सबसे पहले गांव में ही पेंशन अधिकारियों को आमंत्रित करके योग्य नागरिकों की पेंशन बनवाने का काम करेंगे। चौथी बात में उन्होंने बताया कि जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यापन कर रहे हैं उनके पुत्री की शादी में गांम पंचायत की तरफ से ५१ हजार रुपये कन्यादान राशि भेंट की जायेगी। इसके अलावा गांव में बीसी और ओबीसी बिरादरियों के लिए अलग-अलग चौपाल का निर्माण कराया जायेगा।

 
साथ ही हरिजन चौपाल को विस्तार करके और बड़ा बनाने पर विचार होगा। गांव में पशु चिकित्सालय और सामान्य नागरिक अस्पताल को सुचारू ढंग से कराना लक्ष्य में निर्धारित है। दीपक ने बताया कि उपरोक्त कार्य कोई कठिन नहीं है बस इन्हें करने का ज़ज्बा और अपनी ताकत को जानने वाला होना चाहिए। दीपक ने वायदा किया कि एक साल के भीतर अगर उपरोक्त सभी कार्य शुरू नहीं हुए तो वे सरपंच पद का त्याग करा देंगे। यहां यह बताना जरूरी है कि साऊदीअरब में एक मल्टीनेश्नल कम्पनी में मैनेजर जैसे ओहदे पर तीन साल सर्विस करने के बाद दीपक ने प्रदेश में अपने खुद के बिजनेस को बढ़ावा दिया है।

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