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पंजाब-हरियाणा

कुलदीप के सिर सजेगा हरियाणा कांग्रेस का ताज!

गैर जाट मतदाताओं का भारोसा होंगे बिश्नोई

नई दिल्ली। केंद्र और भाजपा शासित राज्यों में शासन-प्रशासन द्वारा छोटी सी गलती पर भी हो-हल्ला कर जनता के बीच अपनी पैंठ बढ़ाने में जोर-शोर से लगी कांग्रेस का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़त की ओर है। कांग्रेस भी अपने संगठन में अमूल-चूल परिवर्तन कर परिपक्वता का परिचय दे रही है। हाल ही में राहुल गांधी की किसान खेती बचाओ यात्रा पंजाब के बाद हरियाणा में संपन्न हुई। कंाग्रेस शासित प्रदेश पंजाब के माफिक सत्ता से दूर हरियाणा में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में राहुल गांधी की इस यात्रा को लेकर खासा जोश देखा गया। हालांकि इस बात से भी नहीं नकारा जा सकता कि राहुल गांधी की इस छोटी सी यात्रा में भी कंाग्रेस के बड़े नेताओं में आपसी गुटबाजी स्पष्ट रूप से देखने को मिली। बताया जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने इस कार्यक्रम में इसलिए खासी रूचि नहीं दिखाई कि कार्यक्रम की सफलता का श्रेय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा को चला जाता। वहीं राहुल गांधी की इस यात्रा में प्रदेश से भीड़ सबसे ज्यादा कुलदीप बिश्नोई समर्थकों की थी।

पिछले कुछ समय से कांग्रेस हाई कमान एक मौके की तलाश में है। बताया जाता है कि हरियाणा में लोग कंाग्रेस को सत्ता पर काबिज करना तो चाहते हैं लेकिन मजबूत नेतृत्वहीन के कारण राज्य में भाजपा दूसरी बार सत्ता में बरकरार रही। कांग्रेस के लिए बड़े ही शर्म की बात है कि पिछले ६ साल से पार्टी बिना संगठन के चल रही है। जिस पार्टी के पास प्रकोष्ठों में अपने कार्यकर्ता को एडजस्ट करने में दिक्कत आती थी, आज जनरल कांग्रेस के लगभग सभी पद रिक्त पड़े हैं। कांग्रेस हाईकमान से जुड़े हुए सूत्र बताते हैं कि पार्टी हरियाणा में मृत प्राय: पड़ी कांग्रेस जान फूंकने के लिए जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष को बदलेगी। कांग्रेस के पुराने वफादार विवेक बंसल को हरियाणा प्रदेश का प्रभारी बनाकर पार्टी को मजबूती देने का काम किया है। अतिविश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाईकमान कद्दावर नेता कुलदीप बिश्नोई को प्रदेश में पार्टी की प्रधानी देकर एक तीर से दो निशाने कर सकती है। 


कुलदीप बिश्नोई की गैर जाट मतदाताओं में खासी पकड़ है। अभी कांग्रेस को जाटों की पार्टी कहा जाता है। जिससे गैर जाट जिनमें ब्राहम्ण वोट बैंक जो कभी कांग्रेस का होता था वो अब भाजपा की गोदी में है। इसी तरह अगड़ी जाती के मतदाता भी कंाग्रेस से किनारा किए हुए हैं। कांग्रेस हाईकमान गैर जाट मतदाताओं को पुन: अपने साथ जोड़ने के लिए रणनीति में जुटी हुई है। इसी कड़ी में राज्यस्तरीय गैर जाट नेता कुलदीप बिश्नोई को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का ताज कभी भी मिल सकता है। यहां यह बताना जरूरी है कि कुलदीप बिश्नोई के पिता स्व. चौधरी भजनलाल लंबे समय तक राज्य में मुख्यमंत्री पद की गरिमा बढ़ाते रहे। उनकी गैर जाट मतदाताओं में मजबूत पकड़ थी। उनकी ही भांति कुलदीप बिश्नोई भी गैर जाट मतदाताओं में पहली पसंद बने हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी शैलजा को हटवाकर कुलदीप बिश्नोई को अध्यक्ष बनवाने का पक्षधर बताये जाते हैं। बहरहाल कांग्रेस अपनी इस रणनीति को अमल में लाती है तो भाजपा की गोद में बैठे गैर जाट मतदाताओं का एक बड़ा तबका कांग्रेस के पक्ष में आने में विलम्ब नहीं करेगा।

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