• 05:34 pm
news-details
भारत

लाल किला क्यों लुटा? पटेल के वारिसों से पूछेगा इतिहास


    देश की धड़कने मानो थम गई, आँखें नम हो गई, नजरें झुक गई नजारा शर्मसार कर रहा था। लालकिले की प्राचीर पर तलवारें भांजी जा रही थी, मीनारों पर चढ़ने की होड़ मची थी, दीवारों पर लटकी रस्सियों से चढ़ते लोग थे तो दरवाजों को तोड़ भीतर बढ़ता हुजूम। भीड़ की कोई शक्ल नहीं होती कहने वालों को झुठला रहा था यह कारवां, देश बेबस देख रहा था लाल किले की लुटती अश्मत को उसके शान, सम्मान, स्वाभिमान को।
    देश के दिल दिल्ली की सरहदों से चौतरफा घुसे लोगों का तांडव बढ़ते कदम के साथ भयभीत करता गया दिलों को सालता गया। दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने ही ट्रैक्टर धारियों की रफ्तार का कहर रोंगटे खड़े कर रहा था। अंधी भीड़ सुनामी की तरह बढ़ रही थी, अपने ही मुख्यालय के सामने डरी सहमी खड़ी पुलिस की तस्वीर सामने थी और ललकार मारता ट्रेक्टर सवारों का काफिला किनारे खड़ी पुलिस को दुत्कार आगे बढ़ रहा था। पुलिस की बेबसी कतार में सिमट जाना, हताश लाचार बेबस दिखना सवाल दाग रहा था, अब क्या होगा? दिल्ली कैसे बचेगी? अब कौन बचाएगा?
    आगाज़ का अंजाम सामने था लालकिले पर धार्मिक झंडा फहराने, लहराने की होड़ थी, तलवारबाजी का जोश जुनून था, पुलिस को धकेल खाई में फेंकने की हिमाकत, देश के स्वाभिमान को ललकारने की जुर्रत, संविधान के अपमान की कोशिश थी। लालकिला लुट रहा था और लूट रही थी भारत की आत्मा, सवाल पूछेगा हिंदुस्तान पटेल के वारिसों तुमने क्या किया? क्यों लुटा लाल किला? यह काला धब्बा लाल पत्थर की दीवारों से मिटाए न मिटेगा, हटाए ना हटेगा। किसने बनवाया? कैसे बना? नेहरू से लेकर नरेंद्र तक ने क्या-क्या कहा? के साथ सबसे बड़ी जिज्ञासा होगी कैसे लुटा आजाद भारत का लाल किला? जिम्मेदार कौन थे? क्या कर रहे थे? आजाद भारत के गणतंत्र दिवस पर लाल किले के प्राचीर पर किसका कब्जा था? कब्जा साजिश थी, षड्यंत्र था, उन्माद था, हुड़दंग था या तांडव? पूछेगा इतिहास बार-बार पटेल के वारिसों से।
    सरदार पटेल ने कहा था "शक्ति के अभाव विश्वास व्यर्थ है" कैसे भरोसा करें हम सुरक्षित हैं? जब लालकिला की अस्मत लूट ली गई। दुनिया भर में पलक झपकते यह तस्वीरें पहुँच गई खौफ में खाकी, शर्मसार सड़कें, कारवां का कोलाहल, लुटता लालकिला, तिरंगे का अपमान, बुर्ज पर कब्जा, दीवारों पर दाग कौन देगा जवाब?
    सरदार पटेल ने यह भी कहा था "कठिन समय में कायर बहाना ढूंढते हैं बहादुर रास्ता" सरकार बहाना तलाश रही थी या रास्ता बताना होगा। जिस लालकिले को पाने के लिए सालों साल हजारों हजार जंग में फना हो गए, उसे कुछ लोगों के हुजूम ने चमकते सूरज की रोशनी में कब्जा लिया... यह बताने, छिपाने, दिखाने में इतिहास की आँखें भर आएंगी। देश प्रचंड बहुमत की सरकार के हाथों में है और हाथ खाली रह गए यह लिखने में ही कलम कांप रही है। लाल किले पर चढ़ जाना महज संयोग है या प्रयोग यह वक्त की कोख में छुपाए ना छुपेगा। एक दीप की छवि बड़े बड़े के साथ चस्पा है, वह दीप आंदोलन को खाक करने की दिया सलाई बन सामने है, आंदोलन कुचल देना सरकारों की मंशा होती रही होगी पर देश का मान कुचल जाए और मौन रहे सरकार यह काबिले बर्दाश्त नहीं। यह छणिक उन्माद नहीं था, देश के दिल पर कोहराम था, एलगार था, बगावत थी, सरकार को ललकार थी, देश के खिलाफ अघोषित युद्ध था, लाल किले पर कब्जा था और सबसे बड़े लोकतंत्र पर उसके गणतंत्र दिवस पर शर्मसार करने की साजिश थी, सरकार बेबस थी। इस बेबसी पर सवाल उठते ही रहेंगे जब तक जवाब सामने नहीं होगा।
    इस अपमान के जिम्मेदार लाल किले के लुटेरे हैं,तो जिम्मेदार पहरेदार भी हैं। लूट तभी होती है जब चौकीदार सो जाए, भाग जाए या बंधक बना लिया जाए। इतिहास पूछेगा सबसे चौड़ा सीना यह सीन देख क्या बोल रहा था? क्या सोच रहा था? इतिहास यह पूछेगा देश को जोड़ने वाले सरदार पटेल के वारिस ने लाल किला लावारिस क्यों छोड़ दिया? इतिहास लुटेरों से नहीं सरकार से पूछेगा लूटते लालकिले को क्यों नहीं बचा पाए? तिरंगे के सम्मान को क्यों नहीं संभाल पाए? कुछ देर पहले ही जिस सड़कों पर भीष्म गुजरा हो, ब्रह्मोस की सवारी निकली हो, एनएसजी के कमांडो दौड़े हों, आसमान में रफेल गूंजा हो उसी दिल्ली में सबसे बडे शक्ति प्रदर्शन के बाद सन्नाटा क्यों पसर गया? लालकिले पर आने वाले प्रधानमंत्री से लालकिला खुद पूछेगा बताओ मैं क्यों लुटा था?
    देश निशब्द है, आहत है, आंसुओं से तर है। सियासत जारी है आरोप-प्रत्यारोप का दौर है, सवालों पर सवाल है जवाब किसी के पास नहीं आखिर लालकिला क्यों लुटा?

सन्दीप मिश्र

You can share this post!

Comments

  • Parbriz Audi 100 1982 , 2021-02-03

    For most recent information you have to visit world wide web and on internet I found this website as a finest web site for most recent updates. https://anunturi-parbrize.ro/parbriz-audi-4.html

  • Parbriz Audi 100 1982 , 2021-02-03

    For most recent information you have to visit world wide web and on internet I found this website as a finest web site for most recent updates. https://anunturi-parbrize.ro/parbriz-audi-4.html

Leave Comments