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दिल्ली में कितना फैला कोरोना

नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस का फैलाव किस हद तक रहा है, कितने लोग उसकी जद में आए हैं और कितने लोगों के शरीर में इस वायरस से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी है, ऐसे सभी सवालों के जवाब अब जल्द सबके सामने होंगे। दरअसल दिल्ली में इसके लिए सीरो सर्वे की शुरुआत आज से हो रही है।

 

  • शनिवार से दिल्ली के सभी जिलों में सीरोलॉजिकल सर्वे शुरू होने जा रहा है। इसके लिए सभी जिलों के डीएम ने अपने जिले के चीफ डिस्ट्रिक्ट मेडिकल ऑफिसरों की देखरेख में टीमें तैयार कर दी हैं।

 

  • तैनात टीमें चुनिंदा इलाकों में जाकर सैंपल कलेक्ट करेंगी, जिनकी जांच के नतीजों के आधार पर यह पता चलेगा कि कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज किस तरह डिवेलप हो रही हैं और उनके डिवेलप होने की दर क्या है?
  • ब्लड सैंपल की जांच करके आधे घंटे में यह पता लगाया जा सकेगा कि जिस व्यक्ति का सैंपल लिया गया है, उसके अंदर हर्ड इम्युनिटी विकसित हुई है या नहीं। सैंपल की जांच के लिए एक विशेष किट का इस्तेमाल किया जाएगा। सभी सैंपल्स की जांच के आधार पर एनसीडीसी एक रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंपेगी।
  • अगर कोई व्यक्ति कोरोना की चपेट में आता है, लेकिन उसके अंदर कोई लक्षण नहीं उभरता है, तो ऐसे लोगों के शरीर में 5-7 दिन के अंदर अपने आप एंटीबॉडी बनना शुरू हो जाती हैं, जो वायरस को शरीर में पनपने नहीं देती हैं।
  • गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनसीडीसी (नैशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल) यह सर्वे करवा रही है। इससे पता चलेगा कि दिल्ली में कोरोना के वायरस के खिलाफ हर्ड इम्युनिटी किस स्तर तक डिवेलप हो चुकी है। 27 जून से 10 जुलाई तक इसे किया जाएगा।

 

कोरोना वैक्सीन न बना पाया तो भी दुनियाभर में होगी भारत की पूछ

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  • इस वैक्सीन को दवा बनानेवाली कंपनी एस्ट्राजिनका और ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी मिलकर बना रहे हैं। इसका ह्यूमन ट्रायल साउथ अफ्रीका और ब्राजील में इसी महीने शुरू हो चुका है। क्लिनिकल ट्रायल की स्टेज में यह सबसे आगे तीसरे फेस पर है। इसके ह्यूमन ट्रायल के नतीजे जुलाई अंत तक आ सकते हैं। इसमें 2000 लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल किया गया है।

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    अमेरिकी दवा कंपनी मॉडर्ना की इस वैक्सीन पर भी सबकी नजक है। कंपनी को दवा पर इतना भरोसा है कि उसने दवा को शीशियों में भरने और पैकिंग करनेवाली एक कंपनी से बात भी शुरू कर दी है। शुरुआत में कंपनी 100 मिलियन खुराक तैयार करने की प्लानिंग कर रही है, जो 2020 के अंत तक यूएस मार्केट में होगी। अभी इसका तीसरे फेज का ट्रायल बाकी है, जिसमें 30 हजार लोग शामिल होंगे।

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    कोरोना जहां से फैला यानी वुहान वहां की यूनिवर्सिटी का दावा है कि वह सबसे पहले कोरोना वैक्सीन बना सकता है। सिनोफॉर्म और सिनोवैक नाम की जो कंपनी दवा बना रही हैं उन्होंने 400 मरीजों पर इसका ट्रायल किया है। इसके नतीजे अगले महीने तक आएंगे। इसने चीन के बाहर के लोगों पर भी वैक्सीन टेस्ट की है।

 

  • सीरो सर्वे मे पूरी दिल्ली से करीब 20 हजार सैंपल कलेक्ट किए जाएंगे। हर जिले से 800 से 1000 के करीब सैंपल कलेक्ट किए जाएंगे। इसके लिए जिले के चीफ मेडिकल ऑफिसर की देखरेख में टीमें अलग-अलग इलाकों में लोगों के घर जाएंगी और रैंडम तरीके से घरों को चुनकर वहां रहने वाले लोगों के ब्लड सैंपल कलेक्ट करेंगी।
  • टीम के लिए यह काम उतना आसान नहीं होगा, क्योंकि कितने लोग सैंपल देने के लिए स्वेच्छा से तैयार होंगे, उस पर काफी कुछ निर्भर करेगा। सर्वे के लिए टीमें सिर्फ उन्हीं इलाकों में जाएंगी, जिनकी लिस्ट एनसीडीसी की तरफ से जिलों के डीएम को सौंपी गई है।
  • दिल्ली में कोरोना वायरस की टेस्टिंग अब तेज होती जा रही है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि शुक्रवार को 21 हजार टेस्ट किए गए। जो अबतक का सबसे बड़ा आंकड़ा था।
  • दिल्ली में कोरोना के केस 77,240 हो चुके हैं। इसमें से 47 हजार से ज्यादा ठीक वहीं 27,657 अभी संक्रमित हैं। कोरोना से दिल्ली में 2492 लोग जान गंवा चुके हैं।

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