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मौलाना साद हरियाणा या दिल्ली में होम क्वारंटाइन,बढ़ गया सस्पेंस


जींद। देश में कोरोना को लेकर बड़ा संकट खड़ा करने वाले तब्लीगी मरकज से गायब हुए दो कंप्यूटर,लैपटॉप व रजिस्टर आदि क्राइम ब्रांच अब तक बरामद नहीं कर पाई है। क्राइम ब्रांच को शक है कि प्रबंधन से जुड़े छह मौलाना सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से ये सब सामान अपने साथ लेकर चले गए। इनकी बरामदगी के लिए क्राइम ब्रांच की टीम मौलानाओं के पुरानी दिल्ली,जामिया नगर व यमुनापार स्थित घरों पर कई बार छापेमारी कर चुकी है,लेकिन कुछ भी सामान नहीं मिला है।
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक कंप्यूटर, लैपटॉप व रजिस्टर केस के लिए सबसे अहम सबूत हैं। इनमें मरकज को देश व विदेश से आने वाले लोगों द्वारा दिए गए चंदे,जमातियों के नाम,पते,मोबाइल नंबर व मरकज से जुड़ी अन्य जानकारियां हो सकती हैं। ये सभी 28 मार्च से ही अपने-अपने घरों से फरार हैं। इनके मोबाइल फोन भी बंद हैं। उधर,मरकज के प्रमुख मौलाना मुहम्मद साद को लेकर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि मौलाना साद के मेवात में छिपे होने की आशंका है,लेकिन मुहम्मद साद के बेटे व अधिवक्ता पुलिस को पूछताछ में उसके जामिया नगर इलाके में होम क्वारंटाइन में होने के दावे कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को क्राइम ब्रांच ने अनौपचारिक तौर पर साफ भी कर दिया कि कोरोना की वजह से उसे ढूंढ़ने की कोशिश नहीं की जा रही है। मौलाना साद जामिया में ही कहीं छिपा हो सकता है,क्योंकि जामिया नगर,जाकिर नगर,शाहीनबाग आदि मुस्लिम बाहुल्य इलाके में इसके दो दर्जन से ज्यादा रिश्तेदार रहते हैं। वहीं,जाकिर नगर में साद का खुद का भी घर है, लेकिन उसके अपने घर में होने की संभावना कम है। 14 दिनों तक क्वारंटाइन की अवधि समाप्त हो जाने व गिरफ्तारी के निर्देश मिलने के बाद ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। इसके अलावा अन्य छह मौलानाओं मो. अशरफ, मुफ्ती शहजाद, डॉ. जीशान, मुर्शलीन सैफी, मो. सलमान व यूनुस की गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस ने अभी कोई निर्णय नहीं किया है।

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