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पंजाब-हरियाणा

रोहतक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध


पुलिस-किसानों में झड़प के बीच उतरा हेलिकॉप्टर 
किसानों ने पुलिस पर किया पथराव,बैरिकेड तोड़े

रोहतक/जींद। कृषि कानूनों के विरोध में हरियाणा में भाजपा और पार्टी नेताओं का विरोध लगातार जारी है। शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल रोहतक जिले में भाजपा सांसद अरविंद शर्मा के पिता की 17वीं में शामिल होने पहुंचे। मुख्यमंत्री हवाई मार्ग से रोहतक पहुंचे। लेकिन उनके आने की खबर लगते ही किसान लामबंद हो गए। सवेरे से ही किसान मस्तनाथ विश्वविद्यालय में बनाए गए हेलिपैड के आसपास डटे रहे। जैसे ही मुख्यमंत्री के पहुंचने की आहट से सरगर्मी बढ़ी, प्रदर्शनकारी किसान भी हेलिपैड की तरफ बढ़ गए। लेकिन,पुलिस ने उन्हें रोका। पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। पुलिस और किसानों के बीच हिंसक झड़प भी हो गई। वहीं सामने से किसानों ने पथराव किया,जिसमें कई पुलिस कर्मी घायल हो गए। भड़के किसानों ने बैरिकेड भी उखाड़ दिए। इन सभी के बीच मुख्यमंत्री के हेलिकॉप्टर की लैंडिंग पुलिस लाइन परिसर में कराई गई। किसानों के कारण मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के लैंडिंग की जगह डेढ़ घंटे में दो बार बदलनी पड़ी। पहले 
लैंडिंग की व्यवस्था पुलिस प्रशासन ने बाबा मस्तनाथ मठ परिसर में की थी, लेकिन यहां किसानों ने हंगामा कर दिया तो लैंडिंग पुलिस लाइन में कराई गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भाजपा सांसद के पिता की शोक सभा में शिरकत की और कार्यकर्ताओं से मिले। 

विरोध नहीं करेंगे, पर काम नहीं आई अपील
किसान सभा के जिलाध्यक्ष प्रीत सिंह का कहना था कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल किसी राजनीतिक कार्यक्रम में नहीं आ रहे हैं। सांसद के पिता की 17वीं व रस्म पगड़ी का कार्यक्रम है। नैतिकता के आधार पर वे विरोध नहीं करेंगे। हालांकि किसानों के फोन भी आ रहे हैं, लेकिन उनको विरोध प्रदर्शन नहीं करने की अपील की गई है। लेकिन किसानों ने उनकी बात नहीं मानी और वे विरोध करने के लिए पहुंच गए।

फतेहाबाद में भाजपा कार्यालय 
के बाहर काले झंडे लेकर पहुंचे किसान
हरियाणा में भाजपा के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है। फतेहाबाद में भारतीय जनता पार्टी की बैठक की सूचना पाकर किसान संघर्ष समिति और किसान सभा से जुड़े किसान काले झंडे लेकर भाजपा कार्यालय के बाहर पहुंच गए। किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सुरक्षा को देखते हुए भारी पुलिस बल के साथ डीएसपी दलजीत बैनीवाल और सुभाष बिश्नोई भाजपा कार्यालय के बाहर तैनात रहे। बैठक में सांसद सुनीता दुग्गल और भाजपा के रतिया व फतेहाबाद से विधायकों के आने की सूचना थी मगर कुछ चुनिंदा कार्यकर्ता ही कार्यालय आए थे। किसानों के विरोध को देखते हुए वह कार्यकर्ता भी एक-एक करके वहां से निकल गए। किसान भाजपा जिलाध्यक्ष के आने का इंतजार करते रहे। मगर दो घंटे बाद भी जिलाध्यक्ष नहीं आए। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने किसानों को समझाने का प्रयास किया कि भाजपा कार्यालय में अब कोई कार्यकर्ता नहीं है और बैठक भी नहीं हुई है, इसलिए वह घरों को लौट जाएं। किसान संगठनों के सदस्य भाजपा कार्यालय में मौजूद कुछ स्टाफ सदस्यों को भी वहां से भेजने की बात पर अड़े रहे। कार्यालय प्रभारी बनवारी लाल गहलोत ने उन्हें बताया कि रसोइया,कार्यालय सचिव, कंप्यूटर ऑपरेटर आदि स्टाफ सदस्य यहां नियमित रूप से काम करते हैं। अधिकतर स्टाफ सदस्य रात में भी कार्यालय में ही रुकते हैं। इसलिए वे यहीं रुकेंगे। कार्यालय को ताला नहीं लगा सकते हैं। किसान यही कहते रहे कि सभी को बाहर निकालकर कार्यालय को बंद करो। 
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          -अशोक  छाबड़ा़़ा़़़ा़ा़ा़ा

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