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पंजाब-हरियाणा

भारी बारिश और ओलावृष्टि से  फसल हुई बर्बाद, किसानों की मेहनत चौपट

पलवल, 3 मार्च (सुन्दर कुंडू) पश्चिमी विक्षोभ के असर से  जिले में हुई मूसलाधार बारिश से गेहूं की फसल में भारी नुकसान हुआ है। आधे घंटे के लगभग चली  तेज बारिश , आंधी, तूफान और ओलावृष्टि  के चलते खेतों में लह लहाती गेहूं की अगेती फसल जमीन पर बिछ गई। जिसके चलते फसल के उत्पादन पर काफी प्रभाव पड़ेगा। करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने से यातायात तो प्रभावित हुआ ही साथ ही फसले भी प्रभावित हुई।

 
बीती रात जिले के पलवल ब्लॉक में 44 एम.एम बारिश ,होडल व हथीन में 35-35 एम.एम और हसनपुर में 30 एम.एम बारिश दर्ज की गई है। गेहूं की फसल में लगभग 80 प्रतिशत बालियां निकल चुकी है। ऐसी स्थिति में पौधे के ऊपर  यह बोझ बन जाती है और बारिश के साथ हवा चलने पर बालियों के वजन से पौधा गिर जाता है। ऐसे समय में बारिश और आंधी आने से फसल को काफी नुकसान हो सकता है। मार्च के महीने में होने वाली बारिश फसलों के लिए लाभकारी सिद्ध नहीं होती है। पलवल जिले में हुई बारिश के दौरान कई गांवों में ओला वृष्टि होने के भी समाचार मिले है। पलवल जिले में करीब 96 हेक्टेयर भूमि में गेहूं की खेती की जाती है। बारिश के चलते गेहूं की फसल में काफी नुकसान हुआ है।  जिले में 70 से 75 प्रतिशत गेहूं की अगेती फसल की बिजाई की जाती है। फसल में बालियां निकलने की वजह से यह फसल तैयार होने की स्टेज पर है। बारिश के चलते लगभग 15 से 20 प्रतिशत खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है। बारिश के कारण जो पौधे जमीन में गिर गए है उनमें प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया नहीं होती है। जिसकी वजह से फसल को प्रकाश व हवा ठीक ढंग से नहीं मिल पाती है और फसल में दाना सूखने लगता है। ऐसे में फसल की गुणवत्ता के ऊपर भी प्रभाव पडऩे लगता है। सरसों की फसल भी पककर तैयार है। सरसो की फसल को भी नुकसान हुआ है। बारिश व तेज हवा से दाना झडऩे की भी संभावना रहती है। फसल जमीन में लेटने से जहां पैदावार में कमी आएगी वहीं फसल कटाई की लागत में भी बढोत्तरी होगी। तेज हवा के कारण गन्ने की फसल में भी नुकसान हुआ है। यह बारिश लाभ के मुकाबले नुकसान दायक ज्यादा रही है। जहां पानी की कमी है वहां पर इस बारिश से  पानी की बचत भी हुई है। गेहूं की पछेती बिजाई में कम नुकसान देखने को मिला है। मौसम विभाग के अनुसार चार व पांच मार्च को भी गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ महावीर मालिक ने किसानों को सावधान करते हुए कहा कि वे  जमीन में लेटी हुई फसल को उठाने का प्रयास ना करें,एक दो दिन में फसल स्वंत ही उठने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि बारिश से जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है वे किसान संबंधित कृषि कार्यालय में आकर इसकी सूचना प्रदान करें। 
किसान राजेन्द्र,भरत सिंह ने बताया कि मौसम अचानक बदल गया और तेज आंधी व तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक हुई बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर लेट गई। जिसके चलते पूरी फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने कहा कि फसल जमीन पर लेटने के बाद उसमें पैदावार नहीं होगी। जिसके चलते उन्हें भारी नुकसान हुआ है।
वहीं कांग्रेस के कद्दावर नेता और पलवल से पांच बार विधायक रहे करन सिंह दलाल ने किसानों के ऊपर टूटे इस पहाड़ को लेकर कहा कि सरकार को जल्द गिरदावरी कराकर किसानों को मुआवजा देना चाहिए परन्तु ये सरकार किसान,मजदूर विरोधी सरकार है।वैसे तो ये सरकार मेरी फसल मेरा ब्यौरा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का ढोंग कर किसानों को लूट रही है और अब जब किसानों पर आफत आयी है तो सरकार का कोई नुमाइंदा किसानों की सुध लेने नही गया।

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