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पलवल में मजबूरों के"मसीहा" बने रवि रावत। लोग बैठा रहे सिर-आँखो पर।

 

गुरु नानक हस्पताल के संचालक इलाक़े में सबसे ज़्यादा चर्चाओं में, साख में लगा बट्टा !

पलवल : कोरोना वैश्विक महामारी में मजबूर लोगों को लूटने में लगे पलवल हॉस्पिटल के मालिकों को उनकी असली औक़ात दिखाने के लिये पलवल के युवा नेता रवि रावत ने कमर कस ली है । रवि रावत ने खुलेआम ऐलान किया है कि जिस भी हस्पताल ने लोगों की मजबूरी का नाजायज़ फ़ायदा उठाकर उनसे अनाप-शनाप रुपैया लिया है वो उसको वापिस दिला कर ही दम लेंगे, बस एक बार पीड़ित उन्हें बिल या जानकारी दे दें। आपको बता भी दें कि कई ऐसे लोगों के रुपए प्राइवेट हस्पताल वालों ने लौटा भी दिए हैं ।

               हालाँकि क़ानूनी तौर पर ये काम पलवल प्रशासन का है लेकिन प्रशासन की इनसे कथित साँठ-गाँठ किसी से छिपी नहीं है !ऐसे में जब लोगों को ज़ेवर-घर -जायदाद गिरवी रख कर इलाज कराना मजबूरी बन गया और ये बात शहर में फैली तो रवि रावत लोगों के लिये एक मसीहा बन कर उभरा है । जब से श्री रावत ने ये ऐलान किया है  कि हस्पताल द्वारा   नाजायज़ लिये पैसे को वो वापिस दिलाएँगे तब से पलवल के लुटेरे हस्पताल मालिको के होश उड़े हुए हैं । जानकारी मिली है की एक-दो मरीज़ों से लिए नाजायज़ रक़म वापिस भी दी गयी है । 

 

            रवि रावत के पास फ़रियादि लोगों का ताँता लगना शुरू हो गया है क्यूँकि पिछले कुछ दिनों में पलवल के कुछ हस्पतालों ने पीड़ितों से एक-एक दिन के नोर्मल बेड का किराया 50000  से 70000 तक और जिसमें दवा और टेस्ट का बिल अलग से लिया गया है ।ऐसा नहीं है कि इतनी भयंकर लूट की प्रशासन को जानकारी नहीं है बल्कि सूत्र बताते हैं कि इसकी एवज़ में हस्पताल वाले इनको चाँदी का जूता मार रहे हैं फलस्वरूप ये जानबूझकर आँखे मुँदे लोगों को लुटने दे रहे हैं ।

           पलवल में सबसे ज़्यादा गुरु नानक हस्पताल के संचालको ने नाजायज़ रुपये ऐंठने का एक तरह से रिकार्ड बना दिया है। सूत्रों के अनुसार कोरोना के समय गुरु नानक हस्पताल के संचालकों मरीज़ों के परिजनों से साफ़ तौर पर कह दिया जाता कि केवल मरीज़ के बेड का किराया 50 से 70 हज़ार प्रतिदिन का देना होगा जिसमें डॉक्टर की विज़िट, टेस्ट, दवा , ओकसैजन आदि का खर्चा अलग से देना होगा । मरता क्या नहीं करता , ज़्यादातर मरीज़ के परिजनों का संचालक की शर्तों पर समझौता करना मजबूरी बन गया ।यह हस्पताल लोगों के निशाने पर है , पता चला है जो भी मरीज़ यहाँ भर्ती हुआ उसका बिल दवा और टेस्टिंग के अलावा 8 से 10 लाख कम - से कम थमा दिया गया। बिल को लेकर कई बार यहाँ हंगामा भी किया गया। दबाव में बिल कम भी किया गया लेकिन अगली बार फिर वही ढाक के तीन पात ! इस हस्पताल के ख़िलाफ़ कोर्ट के आदेश पर मामला भी दर्ज कर लिया गया है । किंतु युवा समाजसेवी रवि रावत के तीखे तेवर से फ़िलहाल इस हॉस्पिटल सहित पलवल के अन्य ऐसे हस्पतालो के होश फ़ाख्ता हो रहे है , क्यूँकि रवि रावत के साथ फ़िल्वक्त इलाक़े की आवाम साथ खड़े होकर इन हस्पतालों को सबक़ सिखाने का मन बना चुकी है ।

            बहरहाल पलवल में रवि रावत मजबूर लोगों के लिए एक मसीहा के रूप में उभर कर सामने आया है , जिसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की जा रही है । सूत्र बता रहे है कि हस्पतालों द्वारा मरीज़ों से लिया गया अनाप-शनाप पैसा ये हस्पताल वाले रवि रावत के दबाव में बिना किसी शोर-शराबे के चुप-चाप देने को भी राज़ी हो गए हैं क्यूँकि इनको पता है है कि नाजायज़ तौर पर ली हुई रक़म वापिस तो देनी पड़ेगी ही क्यूँ ना बिना हंगामे के वापिस दी जाये ताकि हस्पताल की बदनामी भी ना हो पाए ।लेकिन गुरु नानक हस्पताल के संचालक जुगाड़बाज़ी में लगे हुए हैं ।

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