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अनिल मोंगा जी व स्वामी अद्वेतानंद महाराज जैसे महान लोगों की देश को जरूरत: पण्डित जगदीश शर्मा

 

कोरोना महामारी में पूरी दुनिया के लोगो का जनजीवन प्रभावित हुआ हैं, और इस महामारी में गरीब व बेसहारा लोगों को सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, हालाँकि जहा चुनौतियां होती हैं वहां उनसे लड़ने की उम्मीदें भी होती हैं,और ऐसे ही अकेले पड़ चुके गरीब व बेसहारा लोगों के लिए उम्मीदों की किरणे लेकर आयी है परफ्यूम किंग के नाम से मशहूर उद्योगपति एन.आर.आई. अनिल कुमार मोंगा की इंटरनेशनल मैडिटेशन फाउंडेशन। एक ऐसा शख्स जो रहता विदेश में है, पर जीता अपने देश के लिए है, जी हाँ हम बात कर रहे हैं ‘

’अनिल कुमार मोंगा’’  की और महामंडलेश्वर ‘’स्वामी अद्वैतानंद’’ जी की जो भारतीयों के लिए मसाीहा बनकर उभरें हैं । भारती संगम के संयोजक पण्डित जगदीश शर्मा ने कहा कि अनिल कुमार मोंगा सरल व्यक्तित्व, सादा जीवन उच्च - विचार को चरितार्थ करते हैं । पंडित जगदीश शर्मा जी का कहना है कि अनिल कुमार मोंगा की इंटरनेशनल मैडिटेशन फाउंडेशन ने पिछले 25 वर्षो से लगभग सात हजार, भूखे और मजबूर लोगो को भरपेट खाना खिलाकर मानवता की मिसाल पेश की हैं । वहीँ कोरोना महामारी में अस्पतालों के बाहर बैठे अनाथ हो या रात में फुटपाथ पर ही भूखे पेट लेटने को मजबूर मजदूर, ऐसे ही हजारो लोगो की मदद कर अनिल मोंगा जी ने ये साबित कर दिया हैं की वो चाहे विदेश में हो पर उनका दिल हमेशा अपने देश के लोगो के लिए ही धड़कता हैं। पंडित जगदीश शर्मा का मानना हैं की ऐसे कुछ व्यापारी, ऐसे कुछ महात्मा ,ऐसे कुछ एनआरआई अगर भारत के बारे में सोचने लग जाये तो भारत को दोबारा सोने की चिड़िया बनने से कोई नहीं रोक सकता । महामंडलेश्वर स्वामी अद्वैतानंद जी एक समाज सुधारक और पर्यावरणविद हैं ।

वो देश की पर्यावरण की स्तिथि को देखकर गंभीर रूप से चिंतन करते हैं, और सोचते हैं की देश का पर्यावरण कैसे ठीक हो जिससे हमारा देश हमेशा स्वस्थ रहें । पर्यावरण को लेकर  स्वामी जी ने प्रधानमंत्री जी से मिलकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और छात्रों में पेड़ के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए एक पेड़ एक बच्चा नीति केंद्रीय विद्यालयों में लागू करवाई । जब जब अनिल मोंगा हिंदुस्तान में आते हैं तो उनके आश्राम में लोगों का तंाता लग जाता है, गरीबों व बेसहारा लोगों के लिए वह भगवान का रूप है । इनके आश्राम में एक अस्पताल भी है, जहां गरीब, जरूररतमंद व बेसहारा लोगों का इलाज होता हैं, ऐसे बच्चे जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनकी पढ़ाई का खर्चा भी अनिल मोंगा उठाते हैं ।

अमेरिका के राष्ट्रपति हो या मिनस्टिर सबसे उनके पारवारिक रिश्ते हैं और वह रिश्ते निभाने में हमेशा अव्वल रहते हैं । पण्डित जगदीश शर्मा जी ने जब अनिल मोगा जी से बात की तो उनका कहना था कि मैं चाहता हूं कि पूरे भारत में हमारा फाऊडेंशन कार्य करें । पण्डित जगदीश शर्मा ने कहा कि सारे एनआरआई अगर अनिल मोंगा जैसे हो जाएं, तो संपूर्ण भारत स्वस्थ व सुदर हो जाएगा । पण्डित जगदीश शर्मा ने कहा कि वह चाहते हैं कि अनिल मोंगा जी को भारत के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री सम्मानित करे जिससे बाकी एनआरआई भी गरीब व बेसहारा लोगों की मदद करने के लिए प्रेरित हों सके ।

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